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25 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश में मचेगा हाहाकार
Posted By- Mahesh kumar Updated: 2/5/2019 10:44:21 PM

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली की अपनी मांग को लेकर योगी सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। शासन से बातचीत में कोई हल न निकलने के बाद प्रदेश के करीब 200 विभागों के 25 लाख से ज्यादा कर्मचारी 6 फरवरी से 12 फरवरी तक हड़ताल पर रहेंगे। इस हड़ताल के चलते पूरे प्रदेश में कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाने की आशंका है। राज्य कर्मचारियों के इस आंदोलन को केंद्रीय संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। उत्तर प्रदेश के करीब 20 कर्मचारी संगठनों ने सोमवार शाम को मुख्य सचिव डॉ़ अनूप चंद्र पांडेय से वार्ता विफल होने के बाद पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले एक सप्ताह की हड़ताल पर जाने का ऐलान किया। इस हड़ताल में नगर निगम, ट्रेजरी, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, वाणिज्य कर और पशुपालन जैसे सभी प्रमुख विभागों के लाखों कर्मचारी शामिह हैं। इन विभागों के कर्मचारी संगठनों का दावा है कि इन छह दिनों तक कोई काम नहीं होगा।पुरानी पेंशन बहाली की मांग करने वाले कर्मचारियों पर योगी सरकार ने अपना शिकंजा कसा है। सरकार ने आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (एस्मा) के तहत अधिसूचना जारी करके कर्मचारियों की हड़ताल को अगले छह महीने तक के लिए गैरकानूनी करार दिया है। हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली- 1999 के तहत कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि हड़ताल पर जाने और दूसरे कर्मचारियों को हड़ताल के लिए बाध्य करने वाले कर्मचारियों पर ऐस्मा के तहत कार्रवाई करें। इसके बावजूद इसके कर्मचारी संगठन अपनी हड़ताल पर अडिग हैं और वह सरकार से दो-दो हाथ करने के पूरे मूड में हैं।वहीं दूसरी तरफ सरकार राज्य कर्मचारियों की हड़ताल के बाद सरकार ने डैमेज कंट्रोल करना भी शुरू कर दिया है। योगी सरकार केंद्र की तरह राज्य कर्मचारियों की नई पेंशन में अपनी हिस्सेदारी 4% बढ़ाने की तैयारी में है। यानी सरकारी अंशदान 10 से 14 फीसदी हो जाएगा। इसका भूगतान भी ब्जाय के साथ किया जाएगा। एनपीएस में कर्मचारियों का अंशदान पहले की तरह मूल वेतन का दस फीसदी ही रहेगा। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जा सकता है। रिटायरमेंट के समय एनपीएस में कुल जमा से 60 फीसदी रकम की निकासी को टैक्स फ्री करने का प्रस्ताव है। अभी 40 फीसदी रकम टैक्स फ्री है। 20 फीसदी पर कर लिया जाता है। बाकी 40 फीसदी रकम पेंशन योजना में चली जाती है। यही नहीं सरकार नई पेंशन में 2005 से राज्य के हिस्से का जो 10 फीसदी अंशदान जमा नहीं हुआ है, उसे जमा करने व उसका भुगतान ब्याज समेत करने की भी तैयारी में है।

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